आवश्यक सामग्री
- मेथी के दाने - 1/4 कप (40 गाम)- सरसों का तेल - 2-3 टेबल स्पून
- नीबू - 250 ग्राम (6-7 नीबू)
- हींग - 1/4 छोटी चम्मच से आधा
- काली मिर्च - आधा छोटी चम्मच दरदरी पिसी
- सोंफ - 1 छोटी चम्मच दरदरी पिसी
- हल्दी पाउडर - आधा छोटी चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर - आधा छोटी चम्मच
- नमक - 1।5 -2 छोटी चम्मच
विधि:
- मेथी के दानों को अच्छी तरह साफ करके कपड़े से पोंछ लीजिये।- पैन में तेल डालकर गरम कीजिये, तेल को अच्छी तरह गरम यानी कि धुआं उठने तक गरम कर लीजिये, गैस एकदम धीमीं कर दीजिये, और तेल को अब मीडियम गरम रहने तक ठंडा कर लीजिये, गरम तेल में मेथी के दाने डाल दीजिये और चलाते हुये 1 -2 मिनिट मेथी के दाने को लगातार चलाते हुये, मेथी के दाने का हल्का सा कलर चेन्ज होने तक भून लीजिये।
- गैस बन्द कर दीजिये और मेथी दाने में हींग पाउडर, काली मिर्च, सोंफ, हल्दी पाउडर, लालमिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिला दीजिये और अब इन्हैं प्याले में निकाल लीजिये।
- नीबू को काट कर किसी प्याले में रस निकाल लीजिये, और अचार में नीबू का रस डालकर मिला दीजिये। दाना मेथी का अचार तैयार है, लेकिन अचार खाने के लिये 3 दिन बाद तैयार होगा, जब तक मेथी के दाने नीबू के रस में फूल जायेंगे और सारे मसाले एब्जोर्ब कर लेंगे।
- अचार को कच्चे आम के साथ भी बनाया जा सकता है:
- नीबू के रस की जगह 250 ग्राम कच्चा आम लेकर उसे छील कर छोटे छोटे टुकड़े कर लीजिये और कढ़ाई से मसाले मिक्स मेथी के दाने निकाल कर कटे हुये आम के टुकड़ों में मिलाकर रख दिजिये, कच्चे आम से रस बाहर जायेगा और मेथी के दाने उसमें फूल जायेंगे और अचार बन कर तैयार हो जायेगा।
- अचार को 15 दिन तक रख कर खाया जा सकता है, अचार को अधिक दिन तक चलाने के लिये, अचार को फ्रिज में रख कर खायें, या अचार में 3-4 टेबल स्पून सिरका मिला दीजिये या इतना सरसों का तेल गरम करके ठंडा करके मिला दीजिये कि अचार तेल में ड्बा रहे या सीट्रिक एसिड(प्रजरवेटिव) की 1/4 छोटी चम्मच डालकर मिला दीजिये।
- स्वादिष्ट दाना मेथी का अचार खाने के लिये तैयार हो गया है, रोजाना अपने खाने के साथ 1 छोटी चम्मच मेथी दाने का अचार निकाल कर जरूर खाइये।
सावधानियां:
- अचार को जिस बर्तन में भर कर रखें उसे उबलते पानी से धो लीजिये और धूप या ओवन में सुखा लीजिये।- अचार को जब भी खाने के लिये निकालें सूखी और साफ चम्मच का यूज कीजिये, हाथ धोयें तो उन्हैं पोंछ कर अचार निकालिये, अचार में किसी प्रकार की कोई नमी नहीं जानी चाहिये।
- अचार को कभी कभी धूप में भी रखा जा सकता है, इससे भी अचार कि लाइफ ज्यादा हो जाती है।

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